6 दिसंबर को बाबरी विध्वंस की बरसी है. बीते 26 साल में अयोध्या विवाद और विवादित ढांचा ढहाने के आरोपी बनाए गए 47 लोगों में कई तो दुनिया छोड़ चले हैं और जो हैं, वे जमानत पर हैं. 26 साल पहले हुए विध्वंस का मुकदमा काफी धीमी गति से चल रहा है. तब के फायरब्रांड नेता अब मंद हो चले हैं. मुकदमे की याद भी अब हर साल छह दिसंबर को ही आती है. 6 दिसंबर 1992 को ढांचा ढहाने के बाद प्रशासन ने दो एफआईआर दर्ज की थी. पहली लाखों कारसेवकों की भीड़ केखिलाफ थी और दूसरी भीड़ को भाषण से भड़काने वालों के खिलाफ.
पहली में नाम नहीं थे और दूसरी में बड़े लोगों के नाम थे- लालकृष्ण आडवाणी, अशोक सिंघल, विनय कटियार, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, मुरली मनोहर जोशी, गिरिराज किशोर और विष्णु हरि डालमिया. इनमें से अशोक सिंघल और गिरिराज किशोर अब इस दुनिया में नहीं हैं. बाकी सभी आरोपीजमानत पर हैं. कई अन्य लोगों पर एफआईआर भी दर्ज की गई लेकिन वो सारी जमानती धाराओं में थीं.
पुलिस ने मामला दर्ज कर मुकदमा दायर किया और जांच सीबीआई को मिली. सीबीआई ने 5 सितंबर 1993 को चार्जशीट दाखिल की तो 48 लोगों के नाम सामने आए. इनमें बाला साहब ठाकरे, कल्याण सिंह, मोरेश्वर सावे, चंपत राय बंसल, सतीश प्रधान, महंत अवैद्यनाथ, धर्मदास, महंत नृत्यगोपाल दास, महामंडलेश्वर जगदीश मुनि, रामविलास वेदांती, वैकुंठ लाल शर्मा प्रेम, परमहंस रामचंद्र दास और सतीश चंद्र नागर शामिल रहे. इनमें से चार आरोपी बाला साहब ठाकरे, मोरेश्वर सावे, महंत अवैद्यनाथ और परमहंस रामचंद्र दास तो अब दुनिया में नहीं हैं. बाकी सब जमानतपर हैं.
सीबीआई ने आडवाणी और 20 अन्य आरोपियों के खिलाफ दफा 153 A और B के साथ धारा 505 यानी गलतबयानी और समाज में वैमनस्य फैलाने के इलजाम में भी चार्जशीट दाखिल की. हालांकि बाद में आडवाणी और जोशी के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने के आरोप साबित नहीं हो पाए और कोर्ट ने इन्हें2001 में हटा दिया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इसे 2010 के फैसले में बरकरार रखा. सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में रिव्यू के दौरान इन आरोपियों के कृत्य को संविधान के ताने बाने को आघात पहुंचाने वाला बताया था.
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की इस रिपोर्ट के मुताबिक दो साल बाद हाफिज़ सईद पाकिस्तान की सत्ता पर कब्ज़ा कर लेगा. और इसमें सिर्फ पाकिस्तानी सेना या उसके आतंकी संगठन नहीं बल्कि दुनिया के दूसरे मुल्क भी पीएम की कुर्सी तक पहुंचने के लिए उसकी सीढी बनेंगे.
तसव्वुर कीजिए एक इनामी आतंकी कल अगर पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनेगा तो क्या होगा. यकीनन ये कल्पना भी भारत को असहज करने वाली है. क्योंकि भारत जिसे मुल्क में आतंकी हमले का जिम्मेदार मानता है. और जिसके संगठन को आतंकी संगठन घोषित करने के लिए दुनियाभर में समर्थन हासिल कर रहा है. जब वही प्रधानमंत्री बन जाएगा. तो भारत की विदेश नीति का क्या होगा.
भाजपा निकालेगी रथ यात्रा
Thursday, December 6, 2018
Thursday, November 29, 2018
ISRO का नया कमाल, PSLV ले उड़ा 31 सैटेलाइट
जिस देश में कभी साइकल पर रखकर रॉकेट इधर से उधर ले जाए जाते थे, उसी देश ने आज आसमान पर कब्ज़ा करना सीख लिया है. आसमान में भारत का नाम लिखने के पीछे इसरो है और फिर उसने नया कीर्तिमान छुआ है.
पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) ने अपनी 45वीं उड़ान PSLV-C43 में HysIS और 30 अन्य सैटेलाइट लॉन्च की हैं. ये लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस स्टेशन के फ़र्स्ट लॉन्च पैड से हुई.
इस साल PSLV का इस्तेमाल करने वाला ये छठा मिशन है. HysIS, भारत की अपनी ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट है. ये भारत को कृषि, वन, तटीय इलाक़ों, नदियां-झीलें, मिट्टी और दूसरे जियोलॉजिकल पर्यावरण से जुड़ी कई ऐप्लिकेशन के लिए हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सर्विस मुहैया कराएगी.
आसान शब्दों में कहें तो इमेजिंग टूल ना केवल वायुमंडल की गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन पर नज़र रखने में मदद करेंगे बल्कि साथ ही पृथ्वी की मैग्नेटिक फ़ील्ड का अध्ययन करने में आसानी पैदा करेंगे.
HysIS का कुल वज़न 380 किलोग्राम है. सैटेलाइट पेलोड में 730 वॉट का पावर बैकअप और 64Ah लियोन बैटरी है. ये साल 2023 तक ऑब्ज़र्वेशन जारी रखेगा जब ये मिशन ख़त्म होगा.
ये यान इन सभी सैटेलाइट को दो अलग-अलग ऑरबिट में इंजेक्ट करेगा. PSLV (PS4) इंजन को रिस्टार्ट करने की चौथी स्टेज के बाद प्राथमिक सैटेलाइट HysIS को 636 किलोमीटर पोलर सन सिंक्रोनस ऑरबिट (SSO) और को-पैसेंजर सैटेलाइट को 504 किलोमीटर पोलर SSO में स्थापित करेगा.
PSLV लॉन्चर की कुल लम्बाई 39.4 मीटर है और इसमें फ़ोर स्टेज रॉकेट लगा है. अगर ये पूरा अभियान कामयाब रहता है तो ये PSLV मॉडल का 13वां सफ़ल लॉन्च होगा.
इस लॉन्च के बाद इसरो के लिए दूसरा सबसे अहम अभियान चंद्रयान है जो 2019 की शुरुआत में होना है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) ने अपनी 45वीं उड़ान PSLV-C43 में HysIS और 30 अन्य सैटेलाइट लॉन्च की हैं. ये लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस स्टेशन के फ़र्स्ट लॉन्च पैड से हुई.
इस साल PSLV का इस्तेमाल करने वाला ये छठा मिशन है. HysIS, भारत की अपनी ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट है. ये भारत को कृषि, वन, तटीय इलाक़ों, नदियां-झीलें, मिट्टी और दूसरे जियोलॉजिकल पर्यावरण से जुड़ी कई ऐप्लिकेशन के लिए हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सर्विस मुहैया कराएगी.
आसान शब्दों में कहें तो इमेजिंग टूल ना केवल वायुमंडल की गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन पर नज़र रखने में मदद करेंगे बल्कि साथ ही पृथ्वी की मैग्नेटिक फ़ील्ड का अध्ययन करने में आसानी पैदा करेंगे.
HysIS का कुल वज़न 380 किलोग्राम है. सैटेलाइट पेलोड में 730 वॉट का पावर बैकअप और 64Ah लियोन बैटरी है. ये साल 2023 तक ऑब्ज़र्वेशन जारी रखेगा जब ये मिशन ख़त्म होगा.
ये यान इन सभी सैटेलाइट को दो अलग-अलग ऑरबिट में इंजेक्ट करेगा. PSLV (PS4) इंजन को रिस्टार्ट करने की चौथी स्टेज के बाद प्राथमिक सैटेलाइट HysIS को 636 किलोमीटर पोलर सन सिंक्रोनस ऑरबिट (SSO) और को-पैसेंजर सैटेलाइट को 504 किलोमीटर पोलर SSO में स्थापित करेगा.
PSLV लॉन्चर की कुल लम्बाई 39.4 मीटर है और इसमें फ़ोर स्टेज रॉकेट लगा है. अगर ये पूरा अभियान कामयाब रहता है तो ये PSLV मॉडल का 13वां सफ़ल लॉन्च होगा.
इस लॉन्च के बाद इसरो के लिए दूसरा सबसे अहम अभियान चंद्रयान है जो 2019 की शुरुआत में होना है.
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Tuesday, October 30, 2018
आज की पाँच बड़ी ख़बरें: सबरीमला को 'बचाने के लिए' भाजपा निकालेगी रथ यात्रा
सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ भाजपा एक रथ यात्रा निकालने वाली है.
इंडियन एक्सप्रेस अख़बार के अनुसार ये रथ यात्रा केरल के कासरगोड ज़िले से 8 नवंबर को शुरू होगी.
भाजपा की केरल ईकाई का दावा है कि इस रथ यात्रा में भाजपा के कुछ बड़े नेता भी शामिल होंगे.
छह दिन की इस रथ यात्रा का समापन सबरीमला मंदिर के बेस स्टेशन पर जाकर होगा.
सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण आज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को गुजरात के नर्मदा ज़िले में बनी सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति का अनावरण करेंगे.
इस मूर्ति को 'स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी' का नाम दिया गया है. आज सरदार पटेल की 143वीं जयंती भी है.
चीन स्थित स्प्रिंग टेंपल की 153 मीटर ऊंची बुद्ध प्रतिमा के नाम अब तक सबसे ऊंची मूर्ति होने का रिकॉर्ड था.
मगर सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा ने अब चीन में स्थापित इस मूर्ति को दूसरे स्थान पर छोड़ दिया है.
182 मीटर ऊंची 'स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी' का आकार न्यूयॉर्क के 93 मीटर उंचे 'स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी' से दोगुना है.
दिल्ली में प्रदूषण को लेकर बढ़ी चिंता
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण बुधवार को दिल्ली सरकार निजी वाहनों के लिए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दिल्ली सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है.
मंगलवार को पहली बार दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 'बहुत ख़राब' श्रेणी में पहुँच गई थी.
इससे पहले सरकार 1 नवंबर से लेकर 10 नवंबर के बीच निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा चुकी है.
साथ ही ईंधन के रूप में कोयला और बायोमास के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है.
तो अब तक कांग्रेस में चला जाता: शत्रुघ्न सिन्हा
भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिंन्हा ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अगर जीवित होंती तो वो अब तक कांग्रेस में शामिल हो जाते.
ये पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कुछ अच्छा सीखा है? तो सिन्हा ने कहा, "हमारे शास्त्र कहते हैं कि हमें रावण समेत सभी से कुछ न कुछ सीखना चाहिए."
एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में पार्टी के साथ उन्होंने अपने संबंधों को थोड़ा खट्टा-मीठा बताया.
इंडियन एक्सप्रेस अख़बार के अनुसार ये रथ यात्रा केरल के कासरगोड ज़िले से 8 नवंबर को शुरू होगी.
भाजपा की केरल ईकाई का दावा है कि इस रथ यात्रा में भाजपा के कुछ बड़े नेता भी शामिल होंगे.
छह दिन की इस रथ यात्रा का समापन सबरीमला मंदिर के बेस स्टेशन पर जाकर होगा.
सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण आज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को गुजरात के नर्मदा ज़िले में बनी सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति का अनावरण करेंगे.
इस मूर्ति को 'स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी' का नाम दिया गया है. आज सरदार पटेल की 143वीं जयंती भी है.
चीन स्थित स्प्रिंग टेंपल की 153 मीटर ऊंची बुद्ध प्रतिमा के नाम अब तक सबसे ऊंची मूर्ति होने का रिकॉर्ड था.
मगर सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा ने अब चीन में स्थापित इस मूर्ति को दूसरे स्थान पर छोड़ दिया है.
182 मीटर ऊंची 'स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी' का आकार न्यूयॉर्क के 93 मीटर उंचे 'स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी' से दोगुना है.
दिल्ली में प्रदूषण को लेकर बढ़ी चिंता
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण बुधवार को दिल्ली सरकार निजी वाहनों के लिए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दिल्ली सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है.
मंगलवार को पहली बार दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 'बहुत ख़राब' श्रेणी में पहुँच गई थी.
इससे पहले सरकार 1 नवंबर से लेकर 10 नवंबर के बीच निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा चुकी है.
साथ ही ईंधन के रूप में कोयला और बायोमास के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है.
तो अब तक कांग्रेस में चला जाता: शत्रुघ्न सिन्हा
भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिंन्हा ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अगर जीवित होंती तो वो अब तक कांग्रेस में शामिल हो जाते.
ये पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कुछ अच्छा सीखा है? तो सिन्हा ने कहा, "हमारे शास्त्र कहते हैं कि हमें रावण समेत सभी से कुछ न कुछ सीखना चाहिए."
एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में पार्टी के साथ उन्होंने अपने संबंधों को थोड़ा खट्टा-मीठा बताया.
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